क्या आप भी चाहते हैं कि यूट्यूब पर कोई वीडियो देखते वक्त आप व्हाट्सएप पर दोस्तों से चैट कर सकें? या फिर क्रोम ब्राउज़र से कुछ पढ़ते हुए कैलकुलेटर या नोट्स ऐप का इस्तेमाल कर सकें?
पहले के समय में एक ऐप से दूसरी ऐप में बार-बार स्विच करना पड़ता था, जिससे काफी समय बर्बाद होता था। लेकिन आज के एंड्रॉइड स्मार्टफोन में स्प्लिट स्क्रीन (Split Screen) और फ्लोटिंग विंडो (Floating Window) ऐसे ज़बरदस्त फीचर्स हैं, जिनसे आप एक ही मोबाइल स्क्रीन पर एक साथ दो ऐप्स चला सकते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे कि इन फीचर्स को अपने फोन में कैसे ऑन और यूज़ करें।
स्प्लिट स्क्रीन मोड (Split Screen Mode) क्या है?
स्प्लिट स्क्रीन का मतलब होता है आपकी मोबाइल स्क्रीन को दो हिस्सों (ऊपर और नीचे) में बांट देना। इसमें आपकी एक ऐप ऊपर आधे हिस्से में चलेगी और दूसरी ऐप नीचे के आधे हिस्से में रन होगी।
एंड्रॉइड फोन में स्प्लिट स्क्रीन कैसे ऑन करें? (Step-by-Step)
अपने एंड्रॉइड मोबाइल में स्प्लिट स्क्रीन यूज़ करने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: सबसे पहले उन दोनों ऐप्स को ओपन करके बैकग्राउंड में छोड़ दें जिन्हें आप एक साथ चलाना चाहते हैं (जैसे YouTube और WhatsApp)।स्टेप
2: अब अपने फोन के Recent Apps (मल्टीटास्किंग बटन) पर क्लिक करें, जहां सभी बैकग्राउंड ऐप्स दिखते हैं।स्टेप
3: पहली ऐप (जैसे YouTube) के ऊपर बने App Icon पर टैप करें या 3 डॉट्स (⋮) पर क्लिक करें।स्टेप
4: यहां आपको “Split Screen” या “Open in Split Screen View” का ऑप्शन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।स्टेप
5: अब पहली ऐप स्क्रीन के ऊपर सेट हो जाएगी। नीचे वाले हिस्से में दूसरी ऐप (जैसे WhatsApp) पर क्लिक करके सेलेक्ट कर लें
प्रो टिप: स्क्रीन के बीच में जो काली लाइन (Divider) दिखती है, उसे ऊपर या नीचे ड्रैग करके आप ऐप की स्क्रीन साइज को अपने हिसाब से कम या ज्यादा कर सकते हैं।
फ्लोटिंग विंडो (Floating Window) क्या है और इसका यूज़ कैसे करें?
फ्लोटिंग विंडो फीचर में आपकी ऐप एक छोटे से मूवेबल बॉक्स (Pop-up) के रूप में स्क्रीन के ऊपर तैरती (float) रहती है। आप इस छोटी विंडो को स्क्रीन पर कहीं भी खिसका सकते हैं।
फ्लोटिंग विंडो ऑन करने का तरीका:
1. Recent Apps स्क्रीन को ओपन करें।
2. जिस ऐप को छोटा विंडो बनाना चाहते हैं, उसके आइकन या मेनू पर लॉन्ग-प्रेस (Long-press) करें।
3. “Floating Window” या “Pop-up View” का ऑप्शन सेलेक्ट करें।
4. अब आपकी ऐप एक छोटी विंडो में बदल जाएगी। आप इसके कॉर्नर से पकड़कर इसका साइज भी बड़ा या छोटा कर सकते हैं।
स्प्लिट स्क्रीन और फ्लोटिंग विंडो के बड़े फायदे
° समय की बचत: एक ऐप से दूसरी ऐप में बार-बार आने-जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
° ऑनलाइन पढ़ाई और नोट्स: वीडियो लेक्चर देखने के साथ-साथ आप नोटपैड ऐप पर नोट्स बना सकते हैं।
° आसान कैलकुलेशन: ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त या किसी बिल को देखते हुए कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सीक्रेट ट्रिक: जो ऐप्स स्प्लिट स्क्रीन सपोर्ट नहीं करतीं उन्हें कैसे चलाएं?
कुछ ऐप्स (जैसे इंस्टाग्राम या कुछ बैंकिंग ऐप्स) डिफॉल्ट रूप से स्प्लिट स्क्रीन सपोर्ट नहीं करतीं। लेकिन आप एक हिडन डेवलपर सेटिंग से उन्हें भी फोर्स करके चला सकते हैं:
1. अपने फोन की Settings > About Phone में जाएं।
2. Build Number पर लगातार 7 बार क्लिक करें। इससे आपका Developer Options ऑन हो जाएगा।
3. अब Settings > System > Developer Options में जाएं।
4. नीचे स्क्रॉल करें और “Force activities to be resizable” वाले ऑप्शन को ON कर दें।
5. अपने फोन को एक बार Restart करें। अब सभी ऐप्स स्प्लिट स्क्रीन में चलने लगेंगी!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या सभी एंड्रॉइड फोन में स्पिलिट स्क्रीन का फीचर होता है?
उत्तर: लगभग सभी आधुनिक एंड्रॉइड स्मार्टphones (Realme, Samsung, Vivo, Xiaomi, Oppo) में स्प्लिट स्क्रीन का फीचर इन-बिल्ट आता है।
प्रश्न 2: स्प्लिट स्क्रीन इस्तेमाल करते समय फोन लैग (Lag) क्यों होता है?
उत्तर: जब आप एक ही समय में दो भारी ऐप्स (जैसे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग) एक साथ चलाते हैं, तो रैम (RAM) पर लोड पड़ता है, जिससे फोन धीमा हो सकता है।
प्रश्न 3: क्या फ्लोटिंग विंडो से किसी भी ऐप का साइज छोटा या बड़ा किया जा सकता है?
उत्तर: हां, आप फ्लोटिंग विंडो के कॉर्नर को पकड़कर अपनी जरूरत के हिसाब से उसके पॉप-up साइज को एडजस्ट कर सकते हैं.
स्प्लिट स्क्रीन और फ्लोटिंग विंडो में क्या अंतर है? (Split Screen vs Floating Window)
बहुत से लोग स्प्लिट स्क्रीन और फ्लोटिंग विंडो को एक ही समझते हैं, लेकिन इन दोनों फीचर्स में कुछ मुख्य अंतर होते हैं:
° स्क्रीन लेआउट: स्प्लिट स्क्रीन में आपकी डिस्प्ले दो बराबर या आधे-आधे हिस्सों (Top and Bottom) में बंट जाती है, जबकि फ्लोटिंग विंडो में एक छोटी ऐप स्क्रीन के ऊपर तैरती (Float) रहती है।
° एप्स का सपोर्ट: स्प्लिट स्क्रीन लगभग सभी सामान्य ऐप्स सपोर्ट करती हैं, लेकिन फ्लोटिंग विंडो का सपोर्ट केवल कुछ खास ऐप्स (जैसे कैलकुलेटर, व्हाट्सएप या मैसेज) में ही मिलता है।
° उपयोग की सुविधा: अगर आप पढ़ाई के साथ नोट्स बनाना चाहते हैं तो स्प्लिट स्क्रीन बेस्ट है, लेकिन अगर आप ब्राउज़िंग करते समय किसी को छोटा सा रिप्लाई देना चाहते हैं तो फ्लोटिंग विंडो ज्यादा सुविधाजनक होती है।
गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए जरूरी टिप्स
° RAM मैनेजमेंट: अगर आपके फोन में 4GB या 6GB RAM है, तो एक साथ दो भारी ऐप्स (जैसे BGMI/Free Fire और Chrome) चलाने से बचें ताकि फोन गर्म न हो।
° बैटरी बचत: स्प्लिट स्क्रीन या फ्लोटिंग विंडो यूज़ करते समय फोन की ब्राइटनेस नॉर्मल रखें, क्योंकि दो ऐप्स एक साथ चलने पर बैटरी थोड़ा जल्दी डिस्चार्ज होती है।
सुरक्षा और गोपनीयता (Security Tips):
थर्ड-पार्टी ऐप्स से बचें: स्प्लिट स्क्रीन या फ्लोटिंग विंडो का इस्तेमाल करते समय हमेशा अपने फोन के इन-बिल्ट फीचर्स का ही उपयोग करें। प्ले स्टोर से किसी अनजान या थर्ड-पार्टी फ्लोटिंग ऐप को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इससे आपके फोन की प्राइवेसी और डेटा को खतरा हो सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
एंड्रॉइड का स्प्लिट स्क्रीन और फ्लोटिंग विंडो फीचर आपकी डेली फोन ब्राउज़िंग और मल्टीटास्किंग स्पीड को डबल कर देता है। अगर आप एक स्टूडेंट हैं या ऑफिस का काम मोबाइल से करते हैं, तो ये फीचर्स आपके बहुत काम आएंगे। आज ही अपने फोन में इन स्टेप्स को फॉलो करके इस बेहतरीन फीचर का आनंद लें. आप भी इन स्टेप्स को अपने फोन पर अभी ट्राई करें! अगर आपको सेटिंग इनेबल करने में कोई दिक्कत आ रही है, तो नीचे कमेंट करके ज़रूर पूछें।